आज का राशिफल 12 दिसंबर 2024 : कन्या, तुला और कुंभ राशि पर चंद्र मंगल योग का दिखेगा शुभ प्रभाव, पाएंगे लाभ, जानें अपना आज का भविष्यफल Authored By Rakesh Jha | नवभारतटाइम्स.कॉम 12 Dec 2024, 5:02 am Subscribe Horoscope Today 12 December 2024 : आज 12 दिसंबर दिन बुधवार के दिन चंद्रमा अश्विनी उपरांत भरणी नक्षत्र से होते हुए दिन रात मेष राशि में गोचर करेंगे। जबकि दूसरी ओर चंद्रमा से चौथे भाव में मंगल चंद्रमा की राशि में होकर अत्यंत शुभ फलदायी राशि परिवर्तन योग में संचार करेंगे। इस ग्रह योग के साथ आज चंद्रमा गुरु के द्वादश भाव में भी होंगे जो एक शुभ स्थिति है, ऐसे में आज का दिन कन्या तुला और कुंभ राशि के लोगों के लिए लाभदायक रहेगा। देखें आपके लिए आज का दिन कैसा रहेगा, जानें अपना आज का राशिफल विस्तार पूर्वक। आज का राशिफल 12 दिसंबर 2024 : कन्या, तुला और कुंभ राशि पर चंद्र मंगल योग का दिखेगा शुभ प्रभाव, पाएंगे लाभ, जानें अपना आज का भविष्यफल Aaj Ka Rashifal 12 December 2024 : 12 दिसंबर का राशिफल बता रहा है कि आज का दिन कन्या, तुला और कुंभ राशि के लोगों के लिए बहुत ही शुभ और लाभदा...
ईपीएफएफओ का बड़ा अपडेट... जल्द ही ATM से पीएफ निकाल सकेंगे आप, सरकार कर रही इंतजाम
श्रम मंत्रालय बेहतर सेवाएं देने के लिए अपने आईटी ढांचे का आधुनिकीकरण कर रहा है। ईपीएफओ सदस्य अगले वर्ष से एटीएम मशीनों के माध्यम से अपने भविष्य निधि तक पहुंच सकेंगे। यह दावा निपटान प्रक्रिया को आसान बनाएगा। गिग कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभों पर भी काम चल रहा है।
हाइलाइट्स
- श्रम मंत्रालय बेहतर सेवाएं देने के लिए अपने आईटी ढांचे का आधुनिकीकरण कर रहा है
- ईपीएफओ सदस्य अगले वर्ष से एटीएम मशीनों के जरिये अपना पीएफ निकाल सकेंगे
- इससे लोगों को अपना पैसा निकालने के लिए EPFO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी

नई दिल्ली: दिन दूर नहीं जब ATM से आप अपना पीएफ निकाल पाएंगे। श्रम मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। उसने बताया है कि 2025 तक आप ATM से सीधे अपना प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) निकाल सकेंगे। मंत्रालय बेहतर सेवाएं देने के लिए अपने IT इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना रहा है। इससे करोड़ों EPFO सदस्यों को फायदा होगा। यह कदम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
श्रम सचिव सुमिता डावरा ने बताया है कि EPFO सदस्य अगले साल से ATM मशीनों के जरिये अपने प्रॉविडेंट फंड तक पहुंच सकेंगे। इससे लोगों को अपना पैसा निकालने के लिए EPFO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। यह व्यवस्था आम लोगों के जीवन को आसान बनाएगी। इस समय EPFO 7 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सदस्यों को सेवाएं प्रदान करता है। यह बदलाव इन सभी सदस्यों के लिए फायदेमंद होगा।
लगातार सिस्टम में हो रहा है सुधार
श्रम सचिव ने कहा, 'हम दावों का निपटान जल्दी कर रहे हैं। जीवन को आसान बनाने के लिए इस प्रक्रिया को और सरल बनाने पर काम कर रहे हैं।' उन्होंने आगे बताया, 'एक क्लेमेंट, लाभार्थी या बीमित व्यक्ति ATM के जरिये आसानी से अपने दावों तक पहुंच सकेगा, जिसमें न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप होगा।' यह सुविधा लोगों के समय और मेहनत दोनों की बचत करेगी।
सुमिता डावरा ने कहा कि सिस्टम लगातार विकसित हो रहे हैं। हर दो से तीन महीने में आपको महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी 2025 तक एक बड़ा बदलाव नजर आएगा। सरकार EPFO सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसका उद्देश्य नागरिकों की सुविधा को बेहतर बनाना है।
गिग वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा लाभों के बारे में दावरा ने महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत दिया। हालांकि, उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई। उन्होंने कहा, 'बहुत काम हो चुका है और हमने एक योजना की रूपरेखा तैयार की है जो अब अंतिम चरण में है।' प्रस्तावित लाभों में स्वास्थ्य कवरेज, प्रॉविडेंट फंड और विकलांगता सहायता शामिल हो सकती है। यह योजना गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
सकारात्मक संकेत दे रहे हैं आंकड़े
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा और कल्याण लाभों के लिए एक ढांचा विकसित करने के लिए विभिन्न हितधारक प्रतिनिधियों के साथ समर्पित समिति का गठन किया गया है। यह समिति इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के हितों की रक्षा करेगी।
संसद की ओर से पारित सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की पहली औपचारिक परिभाषा पेश की गई। इसमें उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह कानून इन कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करता है।
रोजगार के आंकड़ों के बारे में श्रम सचिव ने बेरोजगारी के आंकड़ों में सकारात्मक रुझानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, '2017 में बेरोजगारी दर छह फीसदी थी। आज यह घटकर 3.2 फीसदी हो गई है।' यह दर्शाता है कि रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने आगे कहा, 'इसके अलावा, हमारा कार्यबल बढ़ रहा है। श्रम बल भागीदारी दर बढ़ रही है और श्रमिक भागीदारी अनुपात, जो दर्शाता है कि वास्तव में कितने लोग कार्यरत हैं, 58 फीसदी तक पहुंच गया है। यह लगातार बढ़ रहा है।' यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है।
लगातार सिस्टम में हो रहा है सुधार
श्रम सचिव ने कहा, 'हम दावों का निपटान जल्दी कर रहे हैं। जीवन को आसान बनाने के लिए इस प्रक्रिया को और सरल बनाने पर काम कर रहे हैं।' उन्होंने आगे बताया, 'एक क्लेमेंट, लाभार्थी या बीमित व्यक्ति ATM के जरिये आसानी से अपने दावों तक पहुंच सकेगा, जिसमें न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप होगा।' यह सुविधा लोगों के समय और मेहनत दोनों की बचत करेगी।सुमिता डावरा ने कहा कि सिस्टम लगातार विकसित हो रहे हैं। हर दो से तीन महीने में आपको महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी 2025 तक एक बड़ा बदलाव नजर आएगा। सरकार EPFO सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसका उद्देश्य नागरिकों की सुविधा को बेहतर बनाना है।
गिग वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा लाभों के बारे में दावरा ने महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत दिया। हालांकि, उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई। उन्होंने कहा, 'बहुत काम हो चुका है और हमने एक योजना की रूपरेखा तैयार की है जो अब अंतिम चरण में है।' प्रस्तावित लाभों में स्वास्थ्य कवरेज, प्रॉविडेंट फंड और विकलांगता सहायता शामिल हो सकती है। यह योजना गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
सकारात्मक संकेत दे रहे हैं आंकड़े
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा और कल्याण लाभों के लिए एक ढांचा विकसित करने के लिए विभिन्न हितधारक प्रतिनिधियों के साथ समर्पित समिति का गठन किया गया है। यह समिति इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के हितों की रक्षा करेगी।संसद की ओर से पारित सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की पहली औपचारिक परिभाषा पेश की गई। इसमें उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह कानून इन कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करता है।
रोजगार के आंकड़ों के बारे में श्रम सचिव ने बेरोजगारी के आंकड़ों में सकारात्मक रुझानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, '2017 में बेरोजगारी दर छह फीसदी थी। आज यह घटकर 3.2 फीसदी हो गई है।' यह दर्शाता है कि रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने आगे कहा, 'इसके अलावा, हमारा कार्यबल बढ़ रहा है। श्रम बल भागीदारी दर बढ़ रही है और श्रमिक भागीदारी अनुपात, जो दर्शाता है कि वास्तव में कितने लोग कार्यरत हैं, 58 फीसदी तक पहुंच गया है। यह लगातार बढ़ रहा है।' यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है।
लेखक के बारे में
अमित शुक्लापत्रकारिता और जनसंचार में पीएचडी की। टाइम्स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। पत्रकारिता में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। फिलहाल नवभारत टाइम्स डॉट कॉम में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत। टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्ट के तौर पर भी पहचान बनाई। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। देश-विदेश के साथ बिजनस खबरों में खास दिलचस्पी।... और पढ़ें
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